18 मई 2020 - 11:20
डब्ल्यूएचओ की बड़ी चेतावनी, विषाणुनाशक दवाओं का छिड़काव, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने सचेत किया है कि कुछ देशों में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए विषाणुनाशक दवाओं का छिड़काव, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार विषाणुनाशक स्प्रे द्वारा वस्तुओं के ऊपरी भागों की सफ़ाई निष्प्रभावी हो सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्पष्ट किया है कि गलियों या बाज़ारों जैसी बाहरी जगहों पर विषाणुनाशक का छिड़काव या धुंए से कोरोना वायरस ख़त्म होना सिद्ध नहीं है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार सड़कें और सार्वजनिक स्थल "वायरस के भंडार" के रूप में सामने नहीं आए हैं और बाहर भी विषाणु स्प्रे का छिड़काव "मानव स्वास्थ्य" के लिए ख़तरनाक हो सकता है।

डब्ल्यूएचओऔ के दस्तावेज़ में बल दिया गया है कि विषाणुनाशक स्प्रे वाले लोग को किसी भी हालत में उसका भाग नहीं बनना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह शारीरिक और मानसिक रूप से हानिकारक सिद्ध हो सकता है और लोकल ट्रांसमीशन को कम नहीं करेगा।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार लोगों पर क्लोरीन या अन्य विषैले कैमिकेल के छिड़काव से आंखों और त्वचा में जलन सहित अमाशय की जटिलताएं जन्म ले सकती हैं।

ज्ञात रहे कि दुनियाभर में कोरोना वायरस की रोकथाम या उसके फैलाव को रोकने के लिए विभिन्न शैलियां अपनाई जा रही हैं।